भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले जा रहे मुकाबले में यशस्वी जायसवाल का चमकदार शतक सुर्खियों का केंद्र बना हुआ है। युवा ओपनर ने एक बार फिर साबित किया है कि वह भारतीय क्रिकेट का भविष्य ही नहीं, वर्तमान भी हैं। शानदार तकनीक, आक्रामकता और मैच की मांग के अनुसार खेलना—इन सभी गुणों ने उन्हें टीम इंडिया की सबसे भरोसेमंद ओपनिंग ताकत बना दिया है। आगे जानिए जायसवाल के शतक के पल, मैच के महत्वपूर्ण मोड़, उनकी पारी की खास बातें, टीम इंडिया पर इस शतक का असर और विशेषज्ञों की प्रतिक्रियाएँ।
1. मैच का बड़ा पल: जायसवाल का शतक
भारत की पारी की शुरुआत भले ही थोड़ा धीमी रही हो, लेकिन जायसवाल ने अपने स्वाभाविक अंदाज़ को अपनाते हुए शानदार शतक जड़ा। 100 रन पूरे करते ही स्टेडियम तालियों से गूंज उठा—यह केवल एक शतक नहीं, बल्कि मैच की दिशा बदलने वाला मोमेंट था।
उनकी पारी ने दक्षिण अफ्रीका की गेंदबाजी को दबाव में ला दिया और भारत को मजबूत स्थिति में पहुँचा दिया।
2. शुरुआती ओवरों में धैर्य और समझदारी
जायसवाल ने शुरुआती ओवरों में पिच को समझने में वक्त लिया। गेंद थोड़ी घूम रही थी और सीम भी मिल रही थी, लेकिन उन्होंने जल्दबाज़ी न करते हुए तकनीकी रूप से मजबूत बल्लेबाजी की।
- बॉल की लाइन पर खेलने की कोशिश
- फालतू शॉट न खेलना
- स्ट्राइक रोटेट करना
इन सबने उन्हें इनिंग सेट करने में मदद की।

3. स्पिनर्स पर आक्रमण—शतक की तरफ तेज़ कदम
जैसे ही स्पिन गेंदबाज आए, जायसवाल ने गियर बदला।
- कवर्स के ऊपर शॉट
- स्वीप और रिवर्स स्वीप का इस्तेमाल
- कदमों का बेहतरीन इस्तेमाल
इस वजह से दक्षिण अफ्रीका के कप्तान को फील्डिंग में लगातार बदलाव करना पड़ा।
स्पिनर्स पर हमला करना उनके शतक की असली रणनीति थी, जो पूरी तरह सफल रही।
4. साथी ओपनर के साथ शानदार साझेदारी
जायसवाल का शतक इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने टीम को मजबूत शुरुआत दी।
उनकी पार्टनरशिप ने अफ्रीकी गेंदबाजों को थकाने का काम किया और मध्यक्रम के लिए प्लेटफॉर्म तैयार किया।
यह साझेदारी मैच में भारत की जीत की नींव साबित हो सकती है।
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5. शतक कैसे पूरा हुआ—फैंस की खुशी चरम पर
जायसवाल ने कवर ड्राइव के साथ अपना शतक पूरा किया—गेंद जैसे बल्ले से निकलकर तेज़ी से बाउंड्री पार कर गई।
अभी तक:
- 100 रन
- लगभग हर प्रकार के शॉट
- शानदार टाइमिंग
दर्शकों ने खड़े होकर उनका स्वागत किया और ड्रेसिंग रूम में भी तालियों की गड़गड़ाहट सुनाई दी।
6. दबाव में मैच-विनिंग इनिंग
जायसवाल का यह शतक सिर्फ रन नहीं, बल्कि स्थिति को समझकर खेली गई ज़िम्मेदार पारी है।
जब टीम को एक ठोस शुरुआत की ज़रूरत थी, उन्होंने आगे बढ़कर जिम्मेदारी निभाई।
उनकी इस इनिंग ने मैच को पूरी तरह भारत की तरफ मोड़ दिया।
7. दक्षिण अफ्रीका की गेंदबाजी की रणनीति फेल
अफ्रीकी गेंदबाजों ने:
- शॉर्ट बॉल
- ऑफ-स्टंप बाहर की लाइन
- स्पिन में फील्ड सेटिंग
सब कुछ आज़माया लेकिन जायसवाल के सामने सभी रणनीतियाँ बेअसर साबित हुईं।
उनकी तकनीक और फुटवर्क गेंदबाजों को लगातार परेशान करते रहे।
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India vs South Africa: यशस्वी जायसवाल का शानदार शतक — मैच में मचा धमाका
8. जायसवाल का आत्मविश्वास—भारतीय टीम की नई ताकत
यशस्वी जायसवाल ने पिछले कुछ समय में शानदार क्रिकेट खेला है।
उनका यह शतक दिखाता है कि वह अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पूरी तरह सेट हैं।
भारत को रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गजों के बाद एक नए मैच-विनर की जरूरत थी—जायसवाल उस कमी को भरते दिख रहे हैं।
9. विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया: “भारत का भविष्य तैयार है”
मैच के बाद क्रिकेट विशेषज्ञों ने सोशल मीडिया पर उनकी पारी की खूब तारीफ की।
- “जायसवाल का यह शतक टेस्ट/ODI की कला को जीता है।”
- “इतनी कम उम्र में इतना परिपक्व खेल—शानदार।”
पूर्व खिलाड़ियों ने भी उनकी तकनीक और मानसिक मजबूती की सराहना की।
10. भारत के लिए मैच का समीकरण—जायसवाल बने हीरो
जायसवाल के शतक की बदौलत भारत ने मैच में शानदार स्थिति हासिल की है।
यह पारी:
- टीम के मनोबल को बढ़ाती है
- लक्ष्य को मजबूत बनाती है
- दक्षिण अफ्रीका पर मनोवैज्ञानिक दबाव डालती है
यह कहना गलत नहीं होगा कि यह शतक मैच का टर्निंग पॉइंट है।









