Thalapathy Vijay Jana Nayagan Release Controversy: तमिल सिनेमा इन दिनों एक बड़े संकट मे है। सुपरस्टार थलपति विजय की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘जन नायगन’ की रिलीज का विवाद ख़त्म होने का नाम नहीं ले रहा है। फिल्म के अटकने से इंडस्ट्री को लगभग 100 करोड़ रुपये से ज़्यादा का नुकसान होने की खबरें सामने आ रही हैं। इस देरी ने न सिर्फ मेकर्स, बल्कि थिएटर मालिकों और डिस्ट्रीब्यूटर्स की भी चिंता बढ़ा दी है।आखिर क्यों फंसी है यह फिल्म और क्या है इसके पीछे की पूरी कहानी? आइए विस्तार से जानते हैं।

क्यों फंसी ‘जन नायगन’ की रिलीज?
सूत्रों के मुताबिक,सेंसर बोर्ड (CBFC) ने फिल्म के कुछ दृश्यों पर आपत्ति जताते हुए इसे सर्टिफिकेट देने से इनकार कर दिया। इसके बाद मामला मद्रास हाई कोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट तक जा पहुंचा। तमिल फिल्म इंडस्ट्री में चल रहे प्रोडक्शन और फाइनेंशियल विवाद, शूटिंग से जुड़े मुद्दे और इंडस्ट्री-लेवल अस्थिरता इसकी बड़ी वजह मानी जा रही है।
कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स एक साथ रुके हुए हैं, और ‘जन नायगन’ भी उसी चक्रव्यूह में फंसती हुई नजर आ रही है।फिल्म की रिलीज पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं।
जन नायगन रिलीज़ नही होने से संकट मे इंडस्ट्री
फिल्म की रिलीज पर बनी अनिश्चितता की वजह से थिटेयर मालिकों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है. GK थियेटर के मालिक रूबन ने इंडिया टुडे संग बातचीत में कहा-“दिवाली के बाद से हमारे लिए बिजनेस मुश्किल रहा है। फिल्म ने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया है। पराशक्ति ने हमें थोड़ी राहत दी थी लेकिन जन नायगन के लेवल को कोई मैच नहीं कर सकता। अगर ये फिल्म 9 जनवरी को ही रिलीज हो जाती, तो अभी तक हमें 80-90 करोड़ मिल जाते। कॉलीवुड में बॉलीवुड जैसे हालात पैदा हो गए हैं।जहां सिंगल-स्क्रीन थिएटर्स बंद हो रहे हैं और मल्टीप्लेक्स का दबदबा है”।
तमिल सिनेमा को हुआ भारी नुकसान
फिल्म एनालिस्ट्स का मानना है कि:
- थिएटर रिलीज टलने से बॉक्स ऑफिस पर बड़ा झटका
- सैटेलाइट और OTT डील्स में देरी
- प्रमोशनल खर्च बेकार जाने का खतरा
- सिंगल स्क्रीन थिएटर्स सबसे ज़्यादा प्रभावित
विजय के राजनीति में एंट्री करने से पहले उनकी ये आखिरी फिल्म थी। इसपर यूं विवाद होगा किसी ने सोचा नहीं था। इसे अटके हुए 1 महीने से ज्यादा हो ज्यादा हो गया है। मेकर्स भी परेशान हैं। देखना होगा कब फिल्म की रिलीज को हरी झंडी मिलती है।इन सबको मिलाकर 100 करोड़ रुपये से अधिक के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है, जो पहले से दबाव में चल रही तमिल सिनेमा के लिए बड़ा झटका है।








