भारतीय क्रिकेट के सुपरस्टार विराट कोहली एक बार फिर सुर्खियों में हैं। दुनिया भर के क्रिकेट विश्लेषक और फैंस इस समय एक ही सवाल पूछ रहे हैं—
क्या विराट कोहली अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ‘शतकों का शतक’ बना सकते हैं?
यानि सचिन तेंदुलकर की तरह 100 अंतरराष्ट्रीय शतक पूरे कर सकते हैं?
यह सवाल जितना बड़ा है, उतना ही दिलचस्प भी। क्योंकि क्रिकेट इतिहास में सचिन के बाद सिर्फ एक ही खिलाड़ी ऐसा है जिसे इस उपलब्धि तक पहुँचने की वास्तविक संभावना मानी जाती है—और वह हैं किंग कोहली।
आइए जानें, क्या कोहली सच में इस रिकॉर्ड तक पहुँच सकते हैं। इसके लिए हमें उनके करियर, प्रदर्शन, फिटनेस, मौजूदा फॉर्म और चुनौतियों का गहराई से विश्लेषण करना होगा।

1. शतकों का शतक: सचिन तेंदुलकर का महान रिकॉर्ड
सचिन तेंदुलकर ने कुल 100 अंतरराष्ट्रीय शतक बनाए—51 टेस्ट और 49 ODI।
यह रिकॉर्ड लगभग क्रिकेट का Mount Everest माना जाता है।
यह उपलब्धि कठिन क्यों है?
- क्रिकेट में लगातार प्रदर्शन करना आसान नहीं
- फिटनेस, फॉर्म और मानसिक स्थिरता का साथ ज़रूरी
- हर फॉर्मेट की अलग-अलग मांग
- विरोधियों की बढ़ती रणनीति
इसीलिए आज तक कोई भी खिलाड़ी इस रिकॉर्ड के आसपास भी नहीं पहुँच पाया—सिवाय विराट कोहली के।
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2. विराट कोहली कहाँ पर खड़े हैं?
वर्तमान में विराट कोहली के पास 80+ अंतरराष्ट्रीय शतक हैं।
इसका मतलब है कि उन्हें 100 तक पहुँचने के लिए लगभग 18–20 शतकों की आवश्यकता है।
अगर एक खिलाड़ी के लिए यह लक्ष्य असंभव नहीं है, तो वह कोहली ही हैं क्योंकि:
- वे सभी फॉर्मेट में रन बनाते हैं
- उनकी फिटनेस दुनिया की सर्वश्रेष्ठ फिटनेस में शामिल है
- उनका खेल उम्र के साथ और परिपक्व हुआ है
- उनका औसत हर फॉर्मेट में टॉप-लेवल का है
उनका करियर अभी 3–5 साल और आसानी से चल सकता है।
3. कोहली की ताकतें जो उन्हें रिकॉर्ड के करीब ले जाती हैं
(A) अद्भुत फिटनेस और प्रोफेशनलिज़्म
विराट कोहली ने भारतीय क्रिकेट में फिटनेस का नया अध्याय लिखा।
30s की उम्र में भी वह:
- स्प्रिंट में युवा खिलाड़ियों से तेज़
- रनिंग-बिटवीन-द-विकेट्स में सबसे सुनिश्चित
- चोटों से जल्दी उबरने वाले
- लगातार मैच खेलने वाले
उनका फिटनेस रूटीन बताता है कि वे 40 की उम्र तक भी आसानी से इंटरनेशनल क्रिकेट खेल सकते हैं।
(B) तकनीक जो हर परिस्थिति में काम करती है
कोहली की बैटिंग तकनीक बेहद संतुलित है।
कुछ प्रमुख गुण:
- सीधा बल्ला
- बैलेंस्ड स्टांस
- कवर ड्राइव दुनिया का सर्वश्रेष्ठ
- उछाल और स्विंग दोनों पर नियंत्रण
- स्पिन के खिलाफ तेज़ फुटवर्क
ये सभी उन्हें हर पिच पर शतक बनाने में सक्षम बनाते हैं।
(C) मानसिक मजबूती—जिससे वो किंग बने
कोहली का सबसे बड़ा हथियार उनकी मेंटल स्ट्रेंथ है।
दबाव में रन बनाना उनकी पहचान है।
- चेज़ में दुनिया के नंबर 1
- बड़े मैचों (वर्ल्ड कप / IPL / एशिया कप) में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
- आलोचना के बाद और मजबूत वापसी
ऐसा बहुत कम खिलाड़ियों में देखा जाता है।
(D) टेस्ट और ODI दोनों में रन बनाने की क्षमता
T20 में शतक कम आते हैं, इसलिए शतकों के लिए मुख्य फॉर्मेट:
- टेस्ट क्रिकेट
- वनडे क्रिकेट
दोनों में कोहली सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज़ों में गिने जाते हैं।
टेस्ट में भी उन्होंने लंबी पारी खेलने की कई बार क्षमता दिखाई है।
4. क्या अगले 4–5 साल में 18–20 शतक आ सकते हैं?
अगर हम कोहली के औसत से देखें:
- वे हर साल लगभग 4–5 अंतरराष्ट्रीय शतक बनाते रहे हैं
- चोटें भी कम आती हैं
- लगातार रन बनाने की आदत है
इस हिसाब से अगले 3–4 साल में:
👉 4 साल × 4 शतक = 16 शतक
👉 5 साल × 4–5 शतक = 20+ शतक
यह पूरी तरह संभव लगता है कि कोहली यह उपलब्धि हासिल कर सकते हैं।
5. रिकॉर्ड तक पहुँचने में सबसे बड़ी चुनौतियाँ
हालाँकि कोहली महान हैं, लेकिन यह सफर आसान नहीं है।
(A) उम्र का प्रभाव
जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, रिफ्लेक्स थोड़ा धीमा होता है।
हालाँकि कोहली फिटनेस से इसकी भरपाई करते हैं, पर उम्र एक चुनौती है।
(B) लगातार क्रिकेट का बोझ
भारतीय टीम का शेड्यूल दुनिया में सबसे व्यस्त है।
IPL, ICC टूर्नामेंट, द्विपक्षीय सीरीज़…
थकान भी प्रदर्शन को प्रभावित करती है।
(C) नई पीढ़ी के गेंदबाज़ों की चुनौती
आज के गेंदबाज़:
- डेटा-आधारित रणनीति बनाते हैं
- रिवर्स स्विंग, स्किड, सेम पोजिशन सभी में माहिर
- स्पीड भी 150+ की हो चुकी है
कोहली को हर मैच में अलग चुनौती मिलती है।
(D) चयन और टीम बैलेंस
कभी-कभी सीरीज़ में युवा खिलाड़ियों को मौका देने की वजह से
सीनियर खिलाड़ियों का मैचों की संख्या कम हो जाती है।
6. फिर भी कोहली के पास क्यों है सबसे बड़ा मौका?
क्योंकि विराट कोहली:
- दुनिया के सबसे consistent खिलाड़ियों में से हैं
- खुद को हमेशा चुनौती देते हैं
- दबाव में सबसे अच्छा खेलते हैं
- उनकी भूख—Run Machine बनने की
जब कोई खिलाड़ी लगातार 10+ साल टॉप फॉर्म में खेल चुका हो,
तो 20 शतक और बनाना उसके लिए नामुमकिन नहीं लगते।
7. क्या सचिन का रिकॉर्ड टूट सकता है?
सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड अनमोल है।
लेकिन रिकॉर्ड इसलिए बनाए जाते हैं कि कोई उन्हें तोड़े।
और जिस तरह कोहली ने अपने करियर में निरंतरता दिखाई है,
उनके फैंस को पूरा भरोसा है कि:
अगर कोई दुनिया में ऐसा खिलाड़ी है
जो सचिन के 100 शतकों के रिकॉर्ड को चुनौती दे सकता है,
तो वह सिर्फ विराट कोहली हैं।
8. फैंस की भावनाएँ—क्रिकेट का सबसे बड़ा सपना
सोशल मीडिया पर हर दिन हजारों पोस्ट आते हैं:
- “कोहली शतक का शतक जरूर बनाएंगे।”
- “सचिन-कोहली—दोनों भारतीयों का गौरव।”
- “किंग कभी हार नहीं मानते।”
फैंस के लिए यह केवल रिकॉर्ड नहीं,
बल्कि एक भावना है—भारतीय क्रिकेट के गर्व से जुड़ी हुई।
9. अंतिम विश्लेषण: क्या कोहली कर पाएंगे शतकों का शतक?
✔ फिटनेस — YES
✔ फॉर्म — YES
✔ क्षमता — YES
✔ समय — YES
✔ मानसिक ताकत — YES
✔ इच्छा शक्ति — YES
सभी कारक यह संकेत देते हैं कि
विराट कोहली यह रिकॉर्ड हासिल कर सकते हैं।
उन्हें सिर्फ इतना करना है कि:
- अगले 4–5 साल इंटरनेशनल क्रिकेट खेलें
- हर साल 4–5 शतक बनाते रहें
और फिर दुनिया क्रिकेट के इतिहास का सबसे बड़ा रिकॉर्ड बदलते हुए देख सकती है।
**निष्कर्ष:
शतकों का शतक कठिन है, लेकिन विराट कोहली के लिए असंभव नहीं**
विराट कोहली भारतीय क्रिकेट के सबसे आधुनिक महानायक हैं।
उनका खेल, उनकी फिटनेस और उनकी निरंतरता बताती है कि
सचिन के 100 शतकों का रिकॉर्ड अब सिर्फ एक सपना नहीं रहा—
बल्कि एक संभावित हकीकत बन चुका है।









