अगर आप भी केंद्र सरकार के कर्मचारी हैं या आपके परिवार में कोई पेंशनर है, तो यह खबर सीधे आपकी जेब और भविष्य से जुड़ी है। देशभर के करीब 1 करोड़ से ज्यादा सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को फिलहाल 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) का बेसब्री से इंतजार है। हाल ही में इस आयोग को लेकर कुछ ऐसे प्रपोजल और अपडेट्स सामने आए हैं, जिन्होंने सरकारी महकमों में हलचल तेज कर दी है।
अब तक हम सिर्फ यह मानकर चल रहे थे कि एक तय फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) के हिसाब से सबकी सैलरी बढ़ेगी, लेकिन अब कहानी में एक नया और बड़ा ट्विस्ट आ गया है। आइए, बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं कि आपकी सैलरी में कितना इजाफा होने वाला है और यह नया वेतन आयोग कब से लागू होगा।
क्या है 5-टियर फिटमेंट फैक्टर का नया पेंच?
अभी तक के वेतन आयोगों में अमूमन ‘सबके लिए एक’ (One-size-fits-all) फॉर्मूला अपनाया जाता था। जैसे 7वें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर सभी पर लागू हुआ था। लेकिन इस बार इंडियन रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन (IRTSA) और कुछ अन्य संगठनों ने 8वें वेतन आयोग के सामने एक बिल्कुल नई मांग रख दी है।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि निचले, मध्यम और उच्च स्तर के कर्मचारियों के लिए एक ही फॉर्मूला लगाना सही नहीं है। इसलिए उन्होंने 5 अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर का सुझाव दिया है:
- लेवल 1 से 5: 2.92 का फिटमेंट फैक्टर
- लेवल 6 से 8: 3.50 का फिटमेंट फैक्टर
- लेवल 9 से 12: 3.80 का फिटमेंट फैक्टर
- लेवल 13 से 16: 4.09 का फिटमेंट फैक्टर
- लेवल 17 से 18: 4.38 का फिटमेंट फैक्टर
इसका मतलब क्या है?
अगर सरकार इस 5-टियर सिस्टम को मान लेती है, तो वरिष्ठ अधिकारियों (लेवल 17-18) के वेतन में 400% तक का भारी-भरकम उछाल देखने को मिल सकता है। उदाहरण के लिए, 2.5 लाख रुपये बेसिक पे वाले अधिकारी की सैलरी सीधे 10.95 लाख रुपये तक पहुँच सकती है। इसी बात को लेकर इस वक्त सबसे बड़ी बहस छिड़ी हुई है।
न्यूनतम सैलरी कितनी होगी? 18 हजार से 69 हजार का गणित!
चलिए, बड़े अधिकारियों की बात छोड़कर आम कर्मचारियों (लेवल-1) की बात करते हैं। 7वें वेतन आयोग में जब 2.57 का गुणांक (Multiplier) लगा था, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी 7,000 रुपये से बढ़कर 18,000 रुपये हो गई थी।
अब 8वें वेतन आयोग के लिए कई कर्मचारी यूनियन मांग कर रही हैं कि फिटमेंट फैक्टर को 3.83 रखा जाए। अगर ऐसा होता है, तो कैलकुलेशन कुछ यूं होगा:
| फैक्टर | वर्तमान बेसिक (Level 1) | संभावित नई बेसिक |
| 2.57 (अगर पुराना ही रहा) | ₹ 18,000 | ₹ 46,260 |
| 2.92 (IRTSA की मांग) | ₹ 18,000 | ₹ 52,560 |
| 3.83 (अधिकतर यूनियनों की मांग) | ₹ 18,000 | ₹ 68,994 (लगभग ₹ 69,000) |
यानी अगर यूनियनों की मांग पूरी तरह मान ली जाती है, तो सरकारी नौकरी की शुरुआत ही लगभग 69,000 रुपये की बेसिक सैलरी से होगी। इसके ऊपर महंगाई भत्ता (DA), HRA और अन्य भत्ते अलग से जुड़ेंगे।
एरियर (Arrears) पर सबसे बड़ी खुशखबरी: कब से लागू होगा नया आयोग?
आपको बता दें कि सरकार ने 8वें वेतन आयोग का गठन आधिकारिक तौर पर नवंबर 2025 में ही कर दिया था। इस वक्त आयोग अलग-अलग शहरों (जैसे दिल्ली, हैदराबाद, और अब जून-जुलाई 2026 में जम्मू-कश्मीर, लखनऊ और भुवनेश्वर) में कर्मचारी संगठनों से सीधा संवाद कर रहा है।
लागू होने की तारीख:
नियमों के मुताबिक, इसे 1 जनवरी 2026 से ही प्रभावी माना जाना है। चूंकि आयोग को अपनी फाइनल रिपोर्ट सौंपने में 2027 के मध्य तक का समय लग सकता है, इसलिए जब भी यह लागू होगा, कर्मचारियों को बैकडेट (1 जनवरी 2026) से एरियर (बकाया) मिलेगा।
अगर इसे 2027 के अंत में लागू किया जाता है, तो कर्मचारियों को एक साथ 18 से 20 महीने का मोटा एरियर मिलेगा, जो लेवल-1 के कर्मचारी के लिए भी लाखों रुपये में होगा।
आगे क्या?
फिलहाल MyGov पोर्टल पर पब्लिक कंसल्टेशन का समय खत्म हो चुका है और आयोग डेटा जुटाने की स्थिति में है। इसके अलावा, सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि फिलहाल महंगाई भत्ते (DA) को बेसिक पे में मर्ज करने का कोई विचार नहीं है।
आने वाले कुछ महीने बेहद अहम होने वाले हैं। जैसे-जैसे आयोग अपनी बैठकों का दौर पूरा करेगा, सैलरी की असली तस्वीर और साफ होती जाएगी।





