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अब बॉलीवुड सिर्फ मुनाफे का खेल है | तनीषा मुखर्जी ने खोली इंडस्ट्री की पोल, रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ पर दिया चौंकाने वाला बयान!

On: May 8, 2026 3:36 AM
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Tanishaa Mukerji

एंटरटेनमेंट डेस्क: एक वक्त था जब बॉलीवुड को एक बड़े परिवार की तरह देखा जाता था, जहां भावनाओं, रिश्तों और सिनेमा के प्रति जुनून की सबसे ज्यादा कद्र होती थी। लेकिन क्या आज भी ऐसा ही है? दिग्गज फिल्मी परिवार से ताल्लुक रखने वालीं एक्ट्रेस तनीषा मुखर्जी का मानना है कि अब हालात बिल्कुल बदल चुके हैं।

हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान तनीषा ने बॉलीवुड के बदलते कल्चर पर बेबाकी से अपनी राय रखी है। उनका साफ कहना है कि आज की फिल्म इंडस्ट्री बहुत ज्यादा ‘कॉरपोरेट’ और ‘ठंडी’ (colder) हो गई है। हालांकि, इंडस्ट्री की कमियां गिनाने के साथ-साथ उन्होंने आदित्य धर और रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर’ (Dhurandhar) की जमकर तारीफ भी की है।

आइए जानते हैं तनीषा मुखर्जी ने बॉलीवुड की मौजूदा हालत, अवॉर्ड शोज की सच्चाई और आज के सिनेमा को लेकर क्या-क्या बड़े खुलासे किए हैं।

रिश्तों से ज्यादा अब पैसों और मुनाफे की है अहमियत

तनीषा ने अपने बचपन की यादों को ताजा करते हुए बताया कि पहले इंडस्ट्री में लोग एक-दूसरे की सफलता का जश्न मनाते थे। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि बॉलीवुड अब काफी ‘ठंडा’ हो गया है। हम उस दौर में पले-बढ़े हैं जहां इंडस्ट्री रिश्तों, परिवार और ईमानदारी पर चलती थी। लेकिन अब यह पूरी तरह से कॉरपोरेट बन चुका है। अब यहां मूल्यों (values) और अच्छे कंटेंट से ज्यादा प्रोजेक्ट्स, पैसों और मुनाफे पर ध्यान दिया जाता है।”

तनीषा के मुताबिक, पहले अगर कोई फिल्म हिट होती थी तो पूरी इंडस्ट्री को लगता था कि यह उनकी अपनी जीत है, लेकिन आज वो पारिवारिक एहसास पूरी तरह से गायब हो चुका है।

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Tanishaa

“हर दूसरे इंसान को मिल रहा है अवॉर्ड”

फिल्मफेयर जैसे प्रतिष्ठित अवॉर्ड शोज की गिरती साख पर भी तनीषा ने सीधा निशाना साधा। अपनी नानी के जमाने का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि पहले इन इवेंट्स में जाना बहुत बड़े सम्मान की बात होती थी और वहां सिर्फ असली कलाकारों को ही एंट्री मिलती थी।

तनीषा ने तंज कसते हुए कहा, “आज के समय में हर दूसरे इंसान के हाथ में अवॉर्ड नजर आता है। ऐसा लगता है कि अगर आपकी फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अंधा पैसा कमा लिया है, तो बिना परफॉर्मेंस देखे ही आपको अवॉर्ड थमा दिया जाएगा।”

वो जुनून अब कहां, जब सिनेमा के लिए घर गिरवी रख देते थे प्रोड्यूसर!

आज के सेफ वर्किंग स्टाइल पर निराशा जताते हुए तनीषा ने कहा कि पहले निर्माता फिल्मों के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगा देते थे। उन्होंने अपने पिता का उदाहरण देते हुए बताया, “एक वक्त था जब प्रोड्यूसर सिनेमा के लिए लोन लेते थे, यहां तक कि अपना घर तक दांव पर लगा देते थे। उस वक्त लोगों में सिनेमा के लिए एक अलग ही आग थी। लेकिन अब सब कुछ बहुत ‘सेफ’ हो गया है। कॉर्पोरेट कंपनियां पैसा लगा रही हैं… रिस्क खत्म हो गया है और शायद इसी वजह से फिल्मों के अंदर से ‘दिल’ और ‘भावनाएं’ गायब हो गई हैं।”

रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ ने जीता तनीषा का दिल

जहां एक तरफ तनीषा ने बॉलीवुड की कमियों को उजागर किया, वहीं उन्होंने हालिया रिलीज फिल्म ‘धुरंधर’ पर खूब प्यार लुटाया। डायरेक्टर आदित्य धर और रणवीर सिंह की इस फिल्म को तनीषा ने एक ‘एनिग्मा’ (अद्भुत रहस्य) बताया।

उन्होंने उत्साह के साथ बताया, “मैंने अपनी मां के साथ यह फिल्म देखी और मैं सचमुच थिएटर में जोर-जोर से तालियां बजा रही थी और चिल्ला रही थी। मैं पूरी तरह से एक ‘फिल्मी बच्चा’ हूं और जब मुझे कोई फिल्म पसंद आती है तो मैं खुद को रोक नहीं पाती। आप साफ देख सकते हैं कि आदित्य धर और रणवीर सिंह ने इस फिल्म में अपनी पूरी रूह और जान फूंक दी है।”

तनीषा का मानना है कि भारत एक भावुक देश है। जब कोई फिल्ममेकर इस तरह का जुनून अपनी फिल्म में डालता है, तो दर्शक उसे सिर्फ देखते नहीं हैं, बल्कि गहराई से महसूस करते हैं।

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बेहद मुश्किल दौर से गुजर रहा है बॉलीवुड

अपने इंटरव्यू के अंत में तनीषा ने इस बात को भी स्वीकार किया कि हिंदी सिनेमा इस वक्त एक बहुत ही मुश्किल दौर से गुजर रहा है। इंडस्ट्री में कई बड़े प्रोजेक्ट्स बीच में ही लटके हुए हैं और दर्शक पहले की तरह थिएटर्स का रुख नहीं कर रहे हैं। साथ ही, आज के समय में ‘बॉलीवुड’ हर किसी के लिए आलोचना (Trolling) का सबसे आसान निशाना बन गया है।

क्या सच में बदल गया है बॉलीवुड? तनीषा मुखर्जी की ये बेबाक बातें इस बात पर सोचने को मजबूर करती हैं कि क्या सच में बॉलीवुड ने अपनी वो ‘रूह’ खो दी है? भले ही इंडस्ट्री का फोकस अब मुनाफे और कॉरपोरेट डील्स पर हो गया हो, लेकिन ‘धुरंधर’ जैसी फिल्में यह साबित करती हैं कि जब सिनेमा में दिल और सच्चा जज्बात डाला जाता है, तो दर्शक आज भी थिएटर में खड़े होकर तालियां पीटने पर मजबूर हो जाते हैं।

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RANJIT KUMAR

मेरा नाम रंजीत कुमार है, मुझे बॉलीवुड गॉसिप, बॉक्स ऑफिस नंबर्स और क्रिकेट के मैदान की अनसुनी कहानियों को 'तड़के' के साथ पेश करना पसंद है। पिछले पांच सालों से मीडिया इंडस्ट्री में सक्रिय रहते हुए, मेरा उद्देश्य पाठकों तक सबसे तेज़ और सटीक खबरें पहुँचाना है। मनोरंजन और खेल की हर हलचल के लिए आप मेरे आर्टिकल्स प्राइम डेली टाइम पे पढ़ सकते हैं।

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